जैसलमेर | आरबीएन न्यूज़
राष्ट्रपति Droupadi Murmu गुरुवार शाम दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर राजस्थान के जैसलमेर पहुंचीं। इस दौरे के दौरान वह भारतीय वायुसेना से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगी तथा स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगी। राष्ट्रपति का यह कार्यक्रम न केवल औपचारिक महत्व रखता है, बल्कि इसे देश की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता और सैन्य तैयारी के प्रति संस्थागत समर्थन के रूप में भी देखा जा रहा है।
राज्य सरकार और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने जैसलमेर पहुंचने पर राष्ट्रपति का स्वागत किया। दौरे के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में उड़ान
राष्ट्रपति शुक्रवार सुबह जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी रूप से विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) ‘प्रचंड’ में उड़ान भरेंगी। यह उड़ान उनके कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण है।
एलसीएच ‘प्रचंड’ भारत का पहला स्वदेशी डिजाइन और विकसित किया गया लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसका निर्माण Hindustan Aeronautics Limited (HAL) द्वारा किया गया है। इसे भारतीय सशस्त्र बलों की विशिष्ट परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ‘प्रचंड’ को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यह अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों, पर्वतीय इलाकों और रेगिस्तानी क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से कार्य कर सके। इसमें आधुनिक एवियोनिक्स, हथियार प्रणाली और निगरानी उपकरण शामिल हैं, जो इसे बहु-भूमिका अभियानों के लिए सक्षम बनाते हैं। हेलीकॉप्टर को वायु रक्षा, एंटी-आर्मर ऑपरेशन, नजदीकी हवाई सहायता और टोही अभियानों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है।
राष्ट्रपति की इस उड़ान को स्वदेशी रक्षा तकनीक के प्रति समर्थन और आत्मनिर्भरता के प्रयासों को प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है।
पोखरण में ‘वायु शक्ति’ मेगा प्रदर्शन
दौरे के दूसरे चरण में राष्ट्रपति शाम को पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित भारतीय वायुसेना के मेगा प्रदर्शन ‘वायु शक्ति’ कार्यक्रम में शामिल होंगी। यह रेंज भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित है और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
Indian Air Force द्वारा आयोजित ‘वायु शक्ति’ अभ्यास में विभिन्न लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर अपनी परिचालन क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान सटीक लक्ष्यभेदी क्षमता, समन्वित हमले की रणनीति और आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री Rajnath Singh और राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma भी उपस्थित रहेंगे। वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे।
‘वायु शक्ति’ का महत्व
‘वायु शक्ति’ भारतीय वायुसेना का एक प्रमुख प्रदर्शन अभ्यास है, जिसका उद्देश्य परिचालन तैयारी और सामरिक क्षमता का प्रदर्शन करना होता है। इस तरह के अभ्यासों के माध्यम से वायुसेना अपनी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, सटीक हमले की दक्षता और आधुनिक तकनीक के उपयोग को प्रदर्शित करती है।
पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रही है और यहां समय-समय पर बड़े सैन्य अभ्यास आयोजित किए जाते रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से वायुसेना अपनी समग्र युद्धक क्षमता का प्रदर्शन करती है।
स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर जोर
राष्ट्रपति का ‘प्रचंड’ में उड़ान भरना भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए कदमों को रेखांकित करता है। हाल के वर्षों में सरकार ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए हैं, जिनका उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू उद्योग को मजबूत करना है।
HAL द्वारा विकसित एलसीएच ‘प्रचंड’ को इसी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस प्रकार के प्लेटफॉर्म देश की सामरिक क्षमता को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
दौरे की समग्र पृष्ठभूमि
राष्ट्रपति का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत अपनी सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रहा है। उच्च स्तर पर नागरिक नेतृत्व की भागीदारी को सशस्त्र बलों के मनोबल और संस्थागत सहयोग के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
दो दिवसीय कार्यक्रमों के समापन के बाद राष्ट्रपति के नई दिल्ली लौटने की संभावना है। फिलहाल इस दौरे से जुड़ी किसी अतिरिक्त नीति घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और परिचालन तैयारी के प्रदर्शन के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




