नई दिल्ली | आरबीएन न्यूज़
अडानी समूह ग्रेटर नोएडा स्थित Buddh International Circuit में फॉर्मूला-1 (F1) रेस की वापसी को लेकर रणनीति पर काम कर रहा है। यह जानकारी समूह के वरिष्ठ अधिकारी Karan Adani ने दी।

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अडानी समूह ग्रेटर नोएडा स्थित Buddh International Circuit में फॉर्मूला-1 (F1) रेस की वापसी को लेकर रणनीति पर काम कर रहा है। यह जानकारी समूह के वरिष्ठ अधिकारी Karan Adani ने दी।

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नई दिल्ली में All India Management Association (AIMA) के 70वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में बोलते हुए करन अडानी ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी के प्रयासों में जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा, “मैं बेहद उत्साहित हूं। बुद्ध सर्किट इस डील का हिस्सा है। भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी की दिशा में मैं व्यक्तिगत रूप से प्रयास कर रहा हूं। भारत में इस खेल की अच्छी खासी फॉलोइंग है और इसमें बड़ी संभावनाएं हैं।”
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय खेल मंत्री Mansukh Mandaviya ने हाल ही में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट का दौरा किया और Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA) के अधिकारियों के साथ बैठक की।
बताया जा रहा है कि इन बैठकों में अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट आयोजनों की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
भारत में फॉर्मूला-1 रेस 2011, 2012 और 2013 में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर आयोजित की गई थी। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार के साथ कर (टैक्स) विवाद के चलते यह आयोजन बंद कर दिया गया था। उस समय सरकार ने इस आयोजन को खेल के बजाय ‘मनोरंजन’ की श्रेणी में रखा था।
इसके बाद भारत फॉर्मूला-1 कैलेंडर से बाहर हो गया।
बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट का विकास जयपी समूह ने किया था। अडानी समूह वर्तमान में Jaiprakash Associates Ltd (JAL) के अधिग्रहण की प्रक्रिया में है।
नवंबर 2025 में अडानी समूह ने ₹14,535 करोड़ के प्रस्ताव के साथ कर्ज में डूबी कंपनी के अधिग्रहण के लिए बहुमत ऋणदाताओं का समर्थन हासिल किया था। बुद्ध सर्किट इस सौदे का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
करन अडानी ने कहा कि भारत में ऐसे खेल आयोजनों का अनुभव सीमित है और कई प्रशंसकों को फॉर्मूला-1 देखने के लिए अबू धाबी या सिंगापुर जैसे देशों में जाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि F1 की वापसी से भारत वैश्विक स्तर पर बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी में एक मानक स्थापित कर सकता है। इससे देश की बुनियादी ढांचा क्षमता, आतिथ्य और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
फिलहाल फॉर्मूला-1 की वापसी को लेकर कोई आधिकारिक समय-सीमा घोषित नहीं की गई है। इस प्रक्रिया में राज्य सरकार, केंद्र सरकार, निजी निवेशक और अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट संस्थाओं के बीच समन्वय आवश्यक होगा।
आने वाले महीनों में अधिग्रहण प्रक्रिया और सरकारी परामर्श के आधार पर आगे की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है।
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