नई दिल्ली | आरबीएन न्यूज़
पाकिस्तान की राष्ट्रीय हॉकी टीम के हालिया ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर प्रशासनिक अव्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (PSB) द्वारा पांच सितारा होटल में ठहरने के लिए 1 करोड़ पाकिस्तानी रुपये (10 मिलियन रुपये) जारी किए जाने के बावजूद टीम को पूरे दौरे के दौरान एयरबीएनबी आवास में रहना पड़ा।
यह मामला सामने आने के बाद Pakistan Hockey Federation (PHF) की कार्यप्रणाली पर व्यापक आलोचना हो रही है।
होटल बुकिंग रद्द, टीम सड़कों पर इंतजार करती रही
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान हॉकी टीम हॉकी वर्ल्ड लीग के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंची थी। कैनबरा में कथित तौर पर होटल बिल का भुगतान न होने के कारण टीम की बुकिंग रद्द कर दी गई, जिससे खिलाड़ियों को अस्थायी रूप से सड़क पर इंतजार करना पड़ा।
बताया गया कि खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को दौरे के दौरान स्वयं बर्तन और कपड़े धोने जैसे कार्य भी करने पड़े। इस घटनाक्रम के बाद टीम कप्तान और खिलाड़ियों ने सार्वजनिक रूप से PHF की आलोचना की।
पांच सितारा होटल के लिए राशि जारी, फिर भी एयरबीएनबी में ठहराव
पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, Pakistan Sports Board (PSB) ने पांच सितारा होटल व्यवस्था के लिए 10 मिलियन पाकिस्तानी रुपये PHF को जारी किए थे।
हालांकि, टीम ने पूरा दौरा एयरबीएनबी में रहकर बिताया। इस वित्तीय विसंगति को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कप्तान का निलंबन और फिर बहाली
पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान Ahmed Shakeel Butt ने टीम की दुर्दशा पर आवाज उठाई थी, जिसके बाद तत्कालीन PHF अध्यक्ष Tariq Bugti ने उन्हें निलंबित कर दिया।
हालांकि, यह फैसला बाद में वापस ले लिया गया। तारिक बुगती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और उनकी जगह Muhuydin Ahmed Wan को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया। बताया जाता है कि यह नियुक्ति प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की स्वीकृति से की गई, जो PHF के संरक्षक-प्रमुख हैं।
नई नियुक्ति के बाद कप्तान का निलंबन “अवैध और असंवैधानिक” बताते हुए तुरंत रद्द कर दिया गया।
पीसीबी अध्यक्ष का हस्तक्षेप
विवाद बढ़ने के बाद Mohsin Naqvi, जो Pakistan Cricket Board (PCB) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री भी हैं, ने हॉकी खिलाड़ियों से मुलाकात की।
उन्होंने आगामी हॉकी विश्व कप क्वालीफायर (मिस्र) के लिए टिकट, किट और होटल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही शनिवार से प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने और घायल खिलाड़ियों के इलाज की व्यवस्था करने को कहा।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्येक खिलाड़ी को 10 लाख पाकिस्तानी रुपये का चेक भी सौंपा गया।
प्रशासनिक संकट और पारदर्शिता पर सवाल
यह घटनाक्रम पाकिस्तान हॉकी के भीतर प्रशासनिक अस्थिरता और वित्तीय पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है। कभी विश्व हॉकी में प्रमुख स्थान रखने वाली पाकिस्तान टीम पिछले कुछ वर्षों में प्रदर्शन और प्रबंधन दोनों स्तरों पर संघर्ष करती दिखी है।
अब तक PHF ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि पांच सितारा होटल के लिए जारी की गई राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया।
आगे की स्थिति
सरकारी हस्तक्षेप और नेतृत्व परिवर्तन के बाद आंतरिक समीक्षा की संभावना जताई जा रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थागत सुधार और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित किए बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी नहीं जा सकती।
आगामी विश्व कप क्वालीफायर की तैयारियों के बीच यह विवाद पाकिस्तान हॉकी प्रशासन के लिए एक गंभीर परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।





