तेहरान / नई दिल्ली:
ईरान में दोबारा भड़के सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण यात्रा सलाह (ट्रैवल एडवाइजरी) जारी की है। दूतावास ने छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यवसायियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों या अन्य परिवहन साधनों से यथाशीघ्र ईरान छोड़ दें।
यह सलाह ऐसे समय में आई है जब ईरान के कई विश्वविद्यालयों, विशेष रूप से Sharif University of Technology, में छात्र प्रदर्शन तेज हो गए हैं और कई स्थानों पर सुरक्षा बलों व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की खबरें सामने आई हैं।
दूतावास की आधिकारिक अपील
Embassy of India in Tehran द्वारा जारी बयान में कहा गया:
ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे उपलब्ध परिवहन साधनों, जिसमें वाणिज्यिक उड़ानें भी शामिल हैं, के माध्यम से देश छोड़ने पर विचार करें।
इसके साथ ही दूतावास ने नागरिकों को निर्देश दिया है कि वे अपने सभी यात्रा और आव्रजन दस्तावेज — जैसे पासपोर्ट, वीज़ा, पहचान पत्र — हमेशा अपने पास सुरक्षित और तैयार रखें।
दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की सहायता के लिए भारतीय नागरिक सीधे मिशन से संपर्क कर सकते हैं।
ईरान में ताजा हालात: विश्वविद्यालयों में तनाव
ईरान के कई शहरों में हाल के दिनों में छात्र-आंदोलन ने गति पकड़ी है। विशेष रूप से तेहरान स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किए।
रिपोर्टों के अनुसार:
- विश्वविद्यालय परिसरों में धरना-प्रदर्शन
- सुरक्षाबलों के साथ टकराव
- इंटरनेट और संचार सेवाओं में बाधा
- स्थानीय स्तर पर आवाजाही पर प्रतिबंध
इन घटनाओं ने राजधानी तेहरान सहित कई इलाकों में अस्थिरता का माहौल बना दिया है।
किन भारतीयों पर असर?
ईरान में भारतीय नागरिकों की उपस्थिति मुख्य रूप से निम्न वर्गों में है:
- छात्र – विशेषकर मेडिकल और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थी
- तीर्थयात्री – धार्मिक स्थलों की यात्रा पर गए लोग
- व्यापारी और कारोबारी प्रतिनिधि
- पर्यटक
एडवाइजरी का उद्देश्य इन सभी श्रेणियों के लोगों को संभावित सुरक्षा जोखिमों से बचाना है।
क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि
ईरान पहले से ही पश्चिमी देशों के साथ भू-राजनीतिक तनाव का सामना कर रहा है। हालिया घटनाक्रम में:
- प्रतिबंधों का दबाव
- आंतरिक राजनीतिक असंतोष
- आर्थिक चुनौतियां
इन सबने मिलकर असंतोष की स्थिति को जन्म दिया है। विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन अक्सर व्यापक राजनीतिक असंतोष का संकेत माने जाते हैं।
सुरक्षा और यात्रा प्रबंधन
भारतीय दूतावास ने नागरिकों को निम्न सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- भीड़-भाड़ वाले स्थानों से दूर रहें
- प्रदर्शन स्थलों के आसपास न जाएं
- स्थानीय समाचारों और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें
- पासपोर्ट और वीज़ा की वैधता सुनिश्चित करें
- निकटतम हवाई अड्डों की जानकारी रखें
यदि व्यावसायिक उड़ानें उपलब्ध हैं, तो प्राथमिकता के आधार पर प्रस्थान की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
भारत सरकार की सतर्क कूटनीति
भारत आमतौर पर ऐसे मामलों में “एहतियाती रुख” अपनाता है। इससे पहले भी पश्चिम एशिया के अन्य देशों में अस्थिरता की स्थिति में भारतीय मिशनों ने इसी प्रकार की एडवाइजरी जारी की थी।
भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं, जिनमें:
- ऊर्जा सहयोग
- चाबहार बंदरगाह परियोजना
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान
शामिल हैं। हालांकि, वर्तमान परिस्थिति में प्राथमिकता भारतीय नागरिकों की सुरक्षा है।
संभावित परिदृश्य
विश्लेषकों का मानना है कि यदि विरोध-प्रदर्शन व्यापक रूप ले लेते हैं, तो:
- परिवहन सेवाएं बाधित हो सकती हैं
- हवाई अड्डों पर दबाव बढ़ सकता है
- संचार सेवाओं में व्यवधान आ सकता है
ऐसे में समय रहते देश छोड़ना सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।
निष्कर्ष
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की यह एडवाइजरी एक एहतियाती कदम है, जिसका उद्देश्य ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे परिस्थिति का गंभीरता से आकलन करें और यदि संभव हो तो जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान के लिए रवाना हों।
दूतावास ने आश्वासन दिया है कि वह जरूरतमंद भारतीयों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा। वर्तमान हालात में सतर्कता और त्वरित निर्णय ही सबसे महत्वपूर्ण हैं।





