भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कथित धर्मांतरण और सेक्स रैकेट से जुड़े मामले में दो सगी बहनों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर नौकरी का झांसा देकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की युवतियों का शोषण करने, यौन उत्पीड़न कराने और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप हैं।
आरोपित अमरीन और अफरीन को उनके सहयोगी चंदन यादव के साथ गिरफ्तार किया गया है। मामले में बिलाल, चानू और यासिर नामक तीन अन्य आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
झुग्गी से आलीशान विला तक का सफर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों बहनें पहले अब्बास नगर इलाके की एक साधारण बस्ती में रहती थीं। हाल ही में वे भोपाल के सागर रॉयल विला स्थित एक आलीशान मकान में शिफ्ट हुई थीं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह आर्थिक उछाल अवैध गतिविधियों से अर्जित धन का परिणाम हो सकता है।
अब पुलिस आरोपितों के बैंक लेनदेन, संपत्ति रिकॉर्ड और डिजिटल संचार की गहन जांच कर रही है।
नौकरी का लालच, फिर शोषण का जाल
एफआईआर के मुताबिक:
- आर्थिक रूप से कमजोर युवतियों को घरेलू काम की नौकरी का प्रस्ताव दिया जाता था।
- ₹10,000 मासिक वेतन, मुफ्त रहने-खाने और “हाई प्रोफाइल लाइफस्टाइल” का लालच दिया जाता था।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नौकरी के नाम पर उन्हें पार्टियों, पब और लाउंज में ले जाया जाता था, जहां प्रभावशाली लोगों से मेलजोल के लिए दबाव बनाया जाता था।
दोनों महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें शराब और नशीले पदार्थ (एमडी ड्रग्स) का सेवन करने के लिए मजबूर किया गया और कई बार नशा देकर यौन उत्पीड़न किया गया।
राज्य से बाहर ले जाने का आरोप
एक 21 वर्षीय युवती, जो छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले की निवासी है और ब्यूटीशियन के रूप में काम करती है, ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में उसे काम के बहाने अहमदाबाद ले जाया गया। वहां यासिर द्वारा उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
उसने यह भी आरोप लगाया कि बिलाल और चानू ने अलग-अलग समय पर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।
दूसरी शिकायतकर्ता, जो भोपाल की रहने वाली है और आरोपित के घर में काम करती थी, ने आरोप लगाया कि चंदन यादव ने नारायण नगर स्थित अपने परिचित के घर पर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने कहा कि घटना उजागर करने पर उसे जान से मारने और बदनाम करने की धमकी दी गई।
जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप
मामले का एक गंभीर पहलू जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप है।
एफआईआर के अनुसार:
- चंदन यादव ने कथित तौर पर कहा कि वह इस्लाम धर्म अपना चुका है।
- पीड़िता पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया।
- शादी का लालच दिया गया।
- पीड़िता का आरोप है कि उसे बुर्का पहनने और नमाज पढ़ने के लिए बाध्य किया गया।
पुलिस इन आरोपों की जांच संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कर रही है।
डिजिटल सबूत और नेटवर्क की आशंका
गिरफ्तारी के दौरान आरोपितों के मोबाइल फोन जब्त किए गए। पुलिस के मुताबिक, एक फोन में कई संदिग्ध व्हाट्सएप समूह मिले, जिनमें विभिन्न युवतियों की तस्वीरें थीं।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि:
- यह नेटवर्क राज्य से बाहर भी सक्रिय हो सकता है।
- गुजरात और मुंबई तक युवतियों को ले जाया गया।
- ब्लैकमेल और दबाव के जरिए शोषण जारी रखा गया।
डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी है।
ब्लैकमेल और धमकियों के आरोप
पीड़िताओं का कहना है कि:
- उन्हें आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल किया गया।
- नौकरी छोड़ने की बात करने पर धमकी दी जाती थी।
- सामाजिक बदनामी का डर दिखाया जाता था।
पुलिस इन दावों की पुष्टि कर रही है।
पुलिस का बयान
अतिरिक्त डीसीपी गौतम सोलंकी ने बताया कि बागसेवनिया थाने में मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने कहा कि दुष्कर्म और अन्य गंभीर आरोपों के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। आरोपितों से पूछताछ की जा रही है तथा फरार व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।
जांच के प्रमुख बिंदु
पुलिस निम्न पहलुओं की जांच कर रही है:
- बैंक और वित्तीय लेनदेन
- संपत्ति खरीद के स्रोत
- डिजिटल संचार रिकॉर्ड
- संभावित मानव तस्करी एंगल
- अंतरराज्यीय नेटवर्क
निष्कर्ष
भोपाल का यह मामला आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के कथित शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा है। पुलिस इसे एक संगठित आपराधिक गतिविधि के रूप में देख रही है और जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।



